
गरियाबंद में 45 लाख के इनामी 9 हार्डकोर माओवादियों ने हथियारों सहित किया आत्मसमर्पण


गरियाबंद, 19 जनवरी 2026।
नक्सल उन्मूलन की दिशा में गरियाबंद पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। शासन द्वारा प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) संगठन की सीनापाली एरिया कमेटी एवं एसडीके एरिया कमेटी से जुड़े कुल 09 हार्डकोर माओवादियों ने आज अपने धारित हथियारों सहित आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वाले इन माओवादियों पर कुल 45 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
आत्मसमर्पण करने वालों में डीजीएन डिवीजन सचिव एवं एसडीके एरिया कमेटी सचिव अंजू उर्फ कविता सहित सीनापाली और एसडीके एरिया कमेटी के कई शीर्ष पदाधिकारी शामिल हैं। इन माओवादियों ने 06 स्वचालित हथियारों के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख माओवादी
अंजू उर्फ कविता – 08 लाख इनामी (AK-47 सहित)
बलदेव उर्फ वामनवट्टी – 08 लाख इनामी (AK-47 सहित)
डमरू उर्फ महादेव – 08 लाख इनामी (AK-47 सहित)
सोनी उर्फ बुदरी – 08 लाख इनामी (SLR सहित)
रंजीत उर्फ गोविंद – 05 लाख इनामी (SLR सहित)
पार्वती उर्फ सुक्की कारम – 05 लाख इनामी
रतना – 01 लाख इनामी (303 रायफल सहित)
नवीता – 01 लाख इनामी
सरूपा – 01 लाख इनामी
लगातार दबाव और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर किया आत्मसमर्पण
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिले में सक्रिय माओवादी एरिया कमेटियों को आत्मसमर्पण के लिए शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत निरंतर अपील की जा रही थी। गरियाबंद पुलिस की ई-30 टीम, कोबरा, एसटीएफ एवं सीआरपीएफ द्वारा चलाए जा रहे लगातार नक्सल विरोधी अभियानों के दबाव तथा जंगलों में कठिन जीवन से त्रस्त होकर इन माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया।
आत्मसमर्पित माओवादियों ने बताया कि शासन की पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता, आवास, स्वास्थ्य एवं रोजगार सुविधाओं, साथ ही पहले आत्मसमर्पण कर चुके साथियों के बेहतर जीवन से प्रेरित होकर उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
सुरक्षा बलों का सराहनीय योगदान
इन 09 माओवादियों के आत्मसमर्पण में गरियाबंद पुलिस की E-30, 19वीं बटालियन CAF, STF, 65वीं एवं 211वीं बटालियन CRPF तथा कोबरा 207 बटालियन का विशेष योगदान रहा।
पुलिस प्रशासन ने अन्य नक्सलियों से भी शासन की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाकर मुख्यधारा में लौटने की अपील की है।


